जोड़ों में क्रैकिंग साउंड का क्या कारण है?HealthPlanet

Posted on Mon 12th Dec 2022 : 13:51

चलने या सीढ़ियां चढ़ने पर आती है आवाज तो इसे बिल्कुल भी न करें इग्नोर, जानें क्या है इसकी वजह

हड्डियों से आने वाली आवाज को बिल्कुल भी इग्नोर नहीं करना चाहिए.

Bone Cracking Sound Treatment: जब भी हमें कोई बीमारी होती है या फिर होने वाली होती है तो इसका संकेत हमारा शरीर पहले से ही देने लगता है. ऐसी ही एक शारीरिक समस्या है चलने, सीढ़िया चढ़ने या फिर उठने बैठने के दौरान घुटने की हड्डी से आवाज आना. उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों से आवाज आना एक आम बात है लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल भी नहीं है कि आपको कोई हड्डी से संबंधित कोई बीमारी नहीं है.

हेल्थलाइन की खबर के अनुसार मौजूदा समय में जो लाइफस्टाइल है उसमें 25-35 साल के लोगों में हड्डियों से आवाज आने की शिकायत काफी तेजी से सामने आ रही है. जोड़ों में आवाज आने का मतलब यह होता है कि कुछ कार्टिलेज खराब हो गए हैं. कुछ मामलों में घुटने से आवाज आने के साथ साथ सूजन भी आ जाती है.

एक्सपर्ट के अनुसार हड्डियों में आवाज आने वाक क्रैकिंग या पॉपिंग भी कहा जाता है. मेडिकल भाषा में इसे क्रेपिटस कहा जाता है. क्रैकिंग के अलग अलग कई कारण हो सकते हैं.

मांसपेशियों की गतिविधी: हड्डियों में क्रैकिंग की सबसे बड़ी वजह मांसपेशियों की गतिविधियां हैं. जैसे जैसे मांसपेशियों में खिचाव पड़ता है वैसे वैसे संयुक्त रूप से आवाज आने लगता है.

कार्टिलेज लॉस : उम्र बढ़ने के साथ साथ हड्डियों से आवाज आने लगती है. यह एक्सपर्ट मानते हैं कि कॉर्टिलेज लॉस की वजह से यह होता है.

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गठिया : कई बार गाउट की समस्या की वजह से भी हड्डियों से आवाज आने लगती है. इसलिए अगर आपको गाउट की दिक्कत है तो आप हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह ले सकते हैं.

जिन लोगों को उंगलियां चटकाने की आदत होते ही उनमें भी क्रैकिंग की दिक्कत होने की संभावना अधिक होती है. इसलिए ऐसा करने से बचना चाहिए.

क्रैकिंग से बचने के लिए क्या करें

माइंडफुलनेस: यदि आप ऐसे लोगों में शामिल हैं जो खाली समय में अपने पोर को चटकाने की आदत है तो इसे तुरंत रोक दें. यह आदत आपको भविष्य में बड़ी दिक्कत में डाल सकती है.

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फिजिकल एक्टीविटी करें: जोड़ों में क्रैकिंग लाने से बचने का सबसे आसान और सरल तरीका है शारीरिक गतिविधि. एक ही पोजीशन में घंटो बैठकर काम करने से भी क्रैकिंग की संभावना बढ़ जाती है. इसलिए जरूरी है कि जब आप कोई लंबा काम कर रहे हो तो बीच बीच में माइक्रोब्रेक्स जरूर लें और कुछ हल्की फुल्की शारीरिक गतिविधि करें.


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हल्की स्ट्रेचिंग करें: हड्डियों में आवाज आने की समस्या को दूर करने के लिए आप स्ट्रेचिंग का सहारा ले सकते हैं. स्ट्रेचिंग आपके जोड़ों में चिकनाहट को बढ़ाती है. दिन में सुबह शाम आपको कुछ देर रोजाना स्ट्रेचिंग करना चाहिए.

तनाव से दूर रहे: तनाव आपके शरीर में बुरा असर डालता है. कुछ लोग तनाव की वजह से भी जोड़ो को चकटाते रहते हैं.

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